बड़ी ही अजीब कशमकश है !

  हमारी मुहब्बत सच्ची है उसे ! हम भुला भी तो नहीं सकते !! दर्द के इस तूफानी अहसास को ! हम छुपा भी तो नहीं सकते !! पर कहीं वो बदनाम ना हो जाये ! इस वजह से बता भी नहीं सकते !! चोट दिल के अंदर बहुत गहरी है ! हम सारी दिखा … Continue reading बड़ी ही अजीब कशमकश है !

हर बरखा 2 पेड़ लगाएगा !

मेरे अजीज पाठक मित्रो कैसे हो आप सभी , आशा करता हूँ आप सभी कुशल मंगल होंगे ! ये कविता मेरे प्रकृति  प्रेम को समर्पित है! इसकी विषय वस्तु भी वैश्विक है ! ये एक सन्देश है पर्यावरण सुधार के लिए , एक अपील है बस सभी से की इसे आप पढ़ें, खुद भी अपनाएं … Continue reading हर बरखा 2 पेड़ लगाएगा !

तन के मिलन का नाम ही प्यार कब हुआ है !

Hi to all readers. I am not completely agree with these lines so i wrote my view in this poem.Please read it complete and tell me which view is right ? This is a message too ...... वो कहते है की प्यार कब किसका पूरा हुआ है ! तन के मिलन का नाम ही प्यार … Continue reading तन के मिलन का नाम ही प्यार कब हुआ है !

ऐ दिल तू सिर्फ उसके जाने से

ऐ दिल तू सिर्फ उसके जाने से क्यों रोता है ! अकेला नहीं तू ही सबके साथ यही तो होता है !! मेरी धडकनों को बढाकर क्यूँ तू परेशां होता है ! गया जो दिल से उसे अब चाहने से क्या होता है !! मजबूरी रही होगी उसकी कुछ वरना कौन बेवफा होता है ! … Continue reading ऐ दिल तू सिर्फ उसके जाने से