मेरे नाम का सिदुंर तुम सजा लेना

Hello to all my loving friends, My respected readers , how’s you ? This is poem to dedicated to real 4 ever love n life.Are you agree with me ? I need your love through likes n shares but after read it all and waiting for your valuable comments.

अब  हाथों में अपने मेरे ईश्क की मेहंदी तुम लगा लेना,

मेरी अनामिका में भी अपने प्यार की निशानी पहना देना।

हाथ पकड़ के मेरे नाम का सिन्दूर मांग मेंं तू भरवा लेना,

भटकूं जिदंगी में जो कभी तो अपने प्यार से तू बचा लेना।

बस के रूह में सांसो की तरह जिदंगी मुझे अपनी बना लेना,

होंऊ परेशान भी मैं तो चूडियों की खनखन से मना लेना।

प्यार मेंं तेरे खो ही जाऊं बस तुम इतना मुझे डुबा लेना,

तुम से ज्यादा तम्हे प्यार करूँगा चाहे तो कभी आजमा लेना।

मरके भी इतना ही चाहूँगा मैं तुम्हें चाहे तो चिता से बुलवा लेना,

मैं तो मरके भी मुहब्बत निभाऊंगा बस तुममुझे  ना भुला देना.

फिर से आकर मैं तुझे ही चाहूँगा बस तू मेरे लिए चाहत ना मिटा देना,

यकीं रखना फिर से अपनी बनाऊंगा बस तुम दिल मेंं किसी और ना बसा लेना।

तुम देना मेरा साथ दिल से हम मिलकर मुहब्बत की दुनियां अपनी बसायेंगे,

हर कसम हर रस्म दोनों साथ निभाएंगे बने जो मिसाल रिश्ता वो एक बनायेंगे.

 ©100rb

6 thoughts on “मेरे नाम का सिदुंर तुम सजा लेना

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