तुमको देख के चाँद भी शरमा जाता है

तुमको देख के तो ये चाँद भी शरमा जाता है !

झोंका हवा का भी बस तेरी ही जुल्फों से खेलने आता है !!

निकलो गर बेनकाब तो परी हुस्न भी फीका पड़ जाता है !

हमारे दिल में देखो तुम खुद को आइना तो टूट जाता है !!

हम जब देखते हैं आपको सिलसिला सांसो का थम जाता है !

तुम कोई ख्वाब हो या हकीकत कई बार में ये यकीं आता है !!

क्या कहें तारीफ़ में तुम्हारी हर लफ्ज छोटा पड जाता है !

बस इतना ही कहेंगे तेरे बिन कुछ भी नजर नहीं आता है !!

मेरी धड़कने यही बताती है की मेरा दिल तुम्हे बहुत चाहता है !

खुशबु के इस झोंके को अपना बना लूँ अब कहाँ रहा जाता है !!

यार अब हमसफ़र बन जा तेरे बिन अब कहाँ चला जाता है !

ये मेरे अहसासों का सच है वरना तारीफे करना तो सबको आता है !!

©100rb

5 thoughts on “तुमको देख के चाँद भी शरमा जाता है

  1. Madhusudan says:

    यार अब हमसफ़र बन जा तेरे बिन अब कहाँ चला जाता है !
    ये मेरे अहसासों का सच है वरना तारीफे करना तो सबको आता है –वाह। वाह वाह क्या खूब लिखा है

    Liked by 1 person

    • 100rb says:

      आदरणीय मधुसुदन जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद मैं तो बस इमानदारी से अपना अहसास लिख देता हूँ जी बस

      Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s