मुझे चुप रहना है !

helloo to all , some pieces of my heart………n hurtings.

ख़ामोशी भले ही मेरी जान ले ले

बस अपनी मुहब्बत की खातिर

मुझे चुप रहना है !

अहसासों को घोट कर अपने ही भीतर

मुझे कभी ना किसी से कुछ कहना है

मुझे चुप रहना है  !

दर्द संभाले नहीं संभलता अब मुझ से

बिना कुछ बताये दवा पूछूं भी किस्से

मुझे सब कुछ चुप सहना है

मुझे चुप रहना है !

जितना भुलाने की कोशिश करता हूँ

उतना ही मुझे उसका धोखा याद आता है

बस इश्क न बदनाम हो जाये सो

मुझे चुप रहना है !

बेबसी का आलम है इतना की दिल

अब और जीना भी नहीं चाहता है

पर वो जीये ख़ुशी से सो

मुझे चुप रहना है !

दिल का ये जख्म मिला है जब से

पिछले सारे दर्द बहुत छोटे हो गए

पर इश्क को रखना है सलामत सो

मुझे चुप रहना है !

अब बेवफ़ाई गर उसकी फितरत है

तो हमें भी तो मुहब्बत की इबादत है

इस जज्बे को आबाद रखना है सो

मुझे चुप रहना है !

वो हमारे लिए खुद बदल ना पाए

तो हम क्यों उसकी तरह बन जाएँ

प्यार से भरोसा न उठ जाये सो

मुझे चुप रहना है !!!

ज़माने के अपनों से दूर यहाँ आके

अपने दर्द को बाँटने के लिए आपसे

ये नया रिश्ता बनाया है !

जिसे आपने बहुत अपने पन से निभाया है

मुझे चुप रहना था !

पर आपसे  मिले प्यार ने  नया

एक विश्वास मुझे दिलाया है

आपके साथ दुबारा जीने को मन हो आया है !

 thanks to all of you with my heart. 100rb. 

3 thoughts on “मुझे चुप रहना है !

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