दर्द -ऐ – दिल !

लोग कहते हैं दर्द का !
 
खरीददार नहीं मिल पाता !!
 
उससे पूछ तो लो यार जिसे !
 
ये है मिल जाता !!
 
कोई कम्बख्त इसे बेचना !
 
भी तो नहीं चाहता !!
 
वफ़ा इसने भी पूरी दिखा दी !
 
अलग जाना ही नहीं चाहता !!
 
कोशिश की भी थी कभी हमने !
 
आँखों के रास्ते निकाल दें इसको !!
 
पर अश्कों का पानी सूख ही नहीं पाता!!!
 

©100rb

 

3 thoughts on “दर्द -ऐ – दिल !

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