मेरी तो मुमताज तुम हो

मेरे लिए तो बस तुम ही तुम हो !

सारे फूलों में गुलाब तुम हो !

आसमाँ का माहताब तुम हो !

मेरे दिल का अहसास तुम हो !

मेरी मुहब्बत का इतिहास तुम हो !

मेरे लिए सबसे खास तुम हो !

मेरा सबसे बड़ा विश्वास तुम हो !

मेरे जुबां के अल्फाज तुम हो !

मेरी जगती आँखों का ख्वाब तुम हो !

बनके शाह्जांह जब देखूँ तो !

मेरी मुहब्बत का ताज तुम हो !

दिल की नजर से देखूँ तो यार !

मेरे लिए मेरी मुमताज तुम हो !

मैं ठीक हूँ जी लूँगा खुश भी !

बस यार इतना बता दो !

कैसी आज तुम हो !

कहाँ आज तुम हो !!

©100rb

 

2 thoughts on “मेरी तो मुमताज तुम हो

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