Love with my Pen!

मुहब्बत कलम से ! हम तो कलम से मुहब्बत, कर बैठे तुमसे जुदा होकर ! ये ताकत भी  तुम्हीं ने तो, अदा फरमाई है बेवफा होकर ! तुम्ही ने तो ये हुनर सिखाया है, बस फर्क सिर्फ इतना आया है ! कल लिखते थे तेरे लिए तेरे होकर, आज तेरी वजह से तनहा होकर ! … Continue reading Love with my Pen!