jehaad or pure terrosim ?

जेहाद या शुद्ध आतंकवाद ? ये कैसा जेहाद है !! जो तेरी आँखों में बस खून सवार है ! निहत्थों पर भी तू करता वार है ! ये कैसा जेहाद है !! किस मजहब किस धरम ने बताया ! तुमको ये नरसहांर है ! ये कैसा जेहाद है !! तुम में दम होता तो बॉर्डर … Continue reading jehaad or pure terrosim ?

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sound of universe ॐ !

             ॐ मैंने तो यही पाया की तुझमें ही ब्रह्माण्ड समाया ! बस कोई समझ गया कोई भेद ना पाया !! प्राण भी तुम हो सांस भी तुम्हीं हो ! तुमने ही तो खूबसूरत ये जीवन बनाया !! तेरे ही दम से खिलते हैं फूल यहाँ ! तुझ से ही तो चारों और हरियाली है … Continue reading sound of universe ॐ !

A thanks to GOD !

Hello freinds , hope you all are happy. Now enjoy my new poem A thanks to GOD. ओ रब एक तू ही तो हमारा सहारा है ! तेरे बिना कौन दुनिया में हमारा है !! शरण में रखो हमेशा बस तू ही तो रखवारा है ! सबकी नैया का एक तू ही तो खेवन हारा … Continue reading A thanks to GOD !

एकलव्य बनाम योग्यता बनाम अन्याय

वैसे तो महाभारत की कहानी आप सभी लोगो ने सुनी होगी. अगर सुनी नहीं होगी तो टेलीविजन पर रामानंद सागर कृत सिरीयल में देखी होगी. महाभारत में एकलव्य इकलौता ऐसा चरित्र है जिसके बारे में मुझे लगता है की इतिहास ने न्याय नहीं किया और यही परंपरा अभी भी जारी है.गुरु द्रोणाचार्य ने गुरुदक्षिणा में … Continue reading एकलव्य बनाम योग्यता बनाम अन्याय