kailash pe bhaithe hain कैलाश पे बैठे हैं !!

भोले बाबा बड़े निराले जटा में गंग संभाले ! कैलाश पे बैठे हैं !! पीकर वो तो भंग के प्याले मुस्काये मतवाले ! कैलाश पे बैठे हैं !! माथे पे हैं चन्द्र विराजे गले में सर्प को डाले ! कैलाश पे बैठे हैं !! हाथों में वो पकड़ के डमरू तांडव करे निराले ! कैलाश … Continue reading kailash pe bhaithe hain कैलाश पे बैठे हैं !!

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हो राधा मुझे अपने जैसी तुम बना दो !!

हो राधा मुझे अपने जैसी तुम बना दो ! मेरे मन में भी प्रेम की गंगा बहा दो !! मिलना है श्याम से राह तुम बता दो ! अपनी धडकनों को मेरे ह्रदय में बसा दो !! हो राधा मुझे अपने जैसी तुम बना दो ! रूह से मिलना है मुझे भी श्याम से मिला … Continue reading हो राधा मुझे अपने जैसी तुम बना दो !!