kailash pe bhaithe hain कैलाश पे बैठे हैं !!

भोले बाबा बड़े निराले जटा में गंग संभाले ! कैलाश पे बैठे हैं !! पीकर वो तो भंग के प्याले मुस्काये मतवाले ! कैलाश पे बैठे हैं !! माथे पे हैं चन्द्र विराजे गले में सर्प को डाले ! कैलाश पे बैठे हैं !! हाथों में वो पकड़ के डमरू तांडव करे निराले ! कैलाश … Continue reading kailash pe bhaithe hain कैलाश पे बैठे हैं !!

हो राधा मुझे अपने जैसी तुम बना दो !!

हो राधा मुझे अपने जैसी तुम बना दो ! मेरे मन में भी प्रेम की गंगा बहा दो !! मिलना है श्याम से राह तुम बता दो ! अपनी धडकनों को मेरे ह्रदय में बसा दो !! हो राधा मुझे अपने जैसी तुम बना दो ! रूह से मिलना है मुझे भी श्याम से मिला … Continue reading हो राधा मुझे अपने जैसी तुम बना दो !!

jehaad or pure terrosim ?

जेहाद या शुद्ध आतंकवाद ? ये कैसा जेहाद है !! जो तेरी आँखों में बस खून सवार है ! निहत्थों पर भी तू करता वार है ! ये कैसा जेहाद है !! किस मजहब किस धरम ने बताया ! तुमको ये नरसहांर है ! ये कैसा जेहाद है !! तुम में दम होता तो बॉर्डर … Continue reading jehaad or pure terrosim ?

sound of universe ॐ !

             ॐ मैंने तो यही पाया की तुझमें ही ब्रह्माण्ड समाया ! बस कोई समझ गया कोई भेद ना पाया !! प्राण भी तुम हो सांस भी तुम्हीं हो ! तुमने ही तो खूबसूरत ये जीवन बनाया !! तेरे ही दम से खिलते हैं फूल यहाँ ! तुझ से ही तो चारों और हरियाली है … Continue reading sound of universe ॐ !