Ae Jindagi ….

ऐ जिन्दगी अब मुझे भी सुकुनों आराम दे दे !!!

बिन आग दिल जलता है मेरा !

आजाद हो जाये रूह मेरी आखिरी वो शाम दे दे !!

ऐ जिन्दगी अब मुझे भी सुकुनों आराम दे दे !!!

तड़प बहुत है इस सीने में !

बस अब मुकम्मल तू इंतजाम दे दे !!

ऐ जिन्दगी अब मुझे भी सुकुनों आराम दे दे !!!

बेआबरू सा हो गया हूँ !

मुहब्बत के लिए खो जाने का इनाम दे दे !!

ऐ जिन्दगी अब मुझे भी सुकुनों आराम दे दे !!!

दिल तो मोम सा था पर !

अब कब्र का पत्थर हो जाने का काम दे दे !!

ऐ जिन्दगी अब मुझे भी सुकुनों आराम दे दे !!!

मेरी अधूरी मुहब्बत को !

मुझसे मिल के जाने का रास्ता सरे आम दे दे !!

ऐ जिन्दगी अब मुझे भी सुकुनों आराम दे दे !!!

©100rb

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